1-प्रेम तुमको भी है हमको ज्ञात हो रहा।।
स्नेह तन मन में अब मेरे व्याप्त हो रहा।।
नेह में हम तुम्हारे पिघलने लगे।।
प्रेम गहरा सा अब मुझको प्राप्त हो रहा।।
2-तुमने छुआ है जबसे खुद को भुला दिया।।
तेरी खुशबुओं में खुद को मिला दिया।।
अब मर भी जाऊं तो कोई गिला नही है।।
तेरी धड़कनों में खुद को जिला दिया।।
💞मधु शुभम पाण्डे💞
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