Saturday, November 7, 2020

बुंदेली हास्य व्यंग्य

हास्य व्यंग्य😀


समय की लेलो बलैयां

बीबी के पांव दबा रहे सइयां।।


भोर भोर उठके चाय बनावे,

सुबह को नास्ता और लंच भी बनावे।।

डिनर खो चढ़ रही करैयां,

बीबी के पांव दबा रहे सइंया।।


शॉपिंग करने खों मॉल लेके जावे,

अपने कंधन पे सबरो सामान उठावे,

घरबारी खों भी लै रहे कइंया,

बीबी के पांव दबा रहे सइंया।।


जिनकी बीबी सुनो करत है नौकरिया,

उनकी बीबी उन खों बना रही जोकरिया।।

थामे फिर रये बे उनकी बइंया,

बीबी के पांव दबा रहे सइंया।।


तुम्ही मेरी माता तुम्ही पिता हो,

तुम्ही मेरे बंधू सखा तुम्ही हो,

तुम्ही हो मेरी खिवैया,

बीबी के पांव दबा रहे सइयां।।

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बिहारी जी

 प्रीत है गहरी तुम संग प्रियतम, बढ़ती जाए हर पल हर छिन।। सगरी उमर मैं तुम पर हारूँ, चैन न आवे एक पल तुम बिन।। मधु शुभम पाण्डे✍️✍️