♥️ऋतुओं की रानी वर्षा♥️
पावस ऋतु जब आती है,सर्वत्र हरीतिमा छाती है।।
खग कलरव है करते नभ में,भू आनंदित हो जाती है।।
मेघ सँवर कर आते है,मोती बूँदे बन जाती है।।
चलत बयार ऐसी सुखदायी,चहुँ और प्रसन्नता छाती है।।
मयूर करत मनभावन नर्तन, भ्रमर करत कुसुम पर गुंजन।।
हर्षित हो हम सब मिलकर,करते है पावस अभिनंदन।।
प्रियतम का स्मरण करती है,प्रियतमा बन प्यारी अवनि।।
गगन ने प्रेम उड़ेल दिया, सौंधी सी महकती है अवनि।।
नदियां कल कल कर बहती हैं,मानो कुछ हमसे कहती हैं।।
आती जाती उसकी लहरें,जीवन की गाथा कहती है।।
प्रकृति का मनोरम दृश्य,छटा अद्भुत निराली है।।
ऋतुओं की रानी वर्षा से सब जगह छाई हरियाली है।।
🙏मधु शुभम पाण्डे🙏
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