#सरिता
निर्मल सी बहती रहती हैं, जीवन की राह बताती हैं।।
कल कल की ध्वनि गुंजारित कर,मधुर संगीत सुनाती हैं।।
पर्वत का सीना चीर कर,स्वयं ही राह बनाती हैं।।
कठिन परिस्थितियों से लड़ना नदियां हमको सिखलाती हैं।।
दुर्गम हो राह चलना हो कठिन,फिर भी यह चलती जाती हैं।।
जीवन में आगे बढ़ते जाना, नदियां हमको सिखलाती हैं।।
संयम मत खोना अपना कभी,जब विपदा कोई आती हैं।।
हार न मानो विपदा से ,नदियां हमको सिखलाती हैं।।
अरबों मीलों चल चलकरके,सागर में वो मिल जाती है।।
अस्तित्व बनाये रखने की,सीख हमें दे जाती हैं।।
सफ़र हमेशा चलता रहे ,संघर्ष से हमें जिताती हैं।।
जीवन जीने की राह सदा ,नदियां हमको सिखलाती हैं।
🙏मधु शुभम पाण्डे🙏
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