#मौन
मिलती नही हो तुम्हारी, जब किसी से विचारधारा।।
सामने उसके तुम्हारा,बस मौन रहना ठीक है।।
समझी न जाये तुम्हारी बातों की जहां अहमियत।।
उस जगह पर तुम्हारा,बस मौन रहना ठीक है।।
समझ रहे हो तुम भी गर चल रही हैं साज़िशें।।
सही समय की प्रतीक्षा कर,बस मौन रहना ठीक है।।
जुबां पर तुम्हारी भी लाखों शब्द होंगे।।
रिश्तों की लाज़ रखकर बस मौन रहना ठीक है।।
चाहते हो गर तुम,मुट्ठी में करना ये जहाँ।।
कोशिश जी तोड़ कर, बस मौन रहना ठीक है।।
मधु शुभम पाण्डे✍️✍️
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