💐 स्त्री 💐
एक स्त्री होना बिल्कुल आसान नही होता।।
इसके जैसा जग में कोई, धैर्यवान नही होता।।
जन्म से ही वो,बन्दिशों में जीती है।।
दोनों कुल की मर्यादा, और निभाती सारी रीती है।।
लाखो अरमान दफन दिल में, जब ससुराल आती है।।
आवाज़ उठा दे गर अपनी, हर पल ठुकराई जाती है।।
सहती हर पल,हँसती हर पल, मुख मण्डल पर दुःख का निशान नही होता।।
एक स्त्री होना बिल्कुल आसान नही होता।।
माँ, बहन,पत्नी, बेटी,के रूप में,जिम्मेदारी निभाती है।।
जिंदगी के रंगमंच पर , कितने किरदार निभाती है।।
ख्वाहिशों को छुपाकर दिल में, शिकवों का कोई निशान नही होता।।
एक स्त्री होना बिल्कुल आसान नही होता।।
प्रेम , त्याग, ममता,सौंदर्य, सभी गुणों की खान है।।
तुलना कम मत समझो इसकी, पुरुषों की स्त्री से पहचान है।।
परिस्थिति से लड़ती हर दम, और अधरों पे मुस्कान है।।
सृष्टि की सुंदर रचना है स्त्री, ये जग में सबसे महान है।।
देवता भी नही बसते जहाँ स्त्री का सम्मान नही होता।।
यूँ स्त्री होना बिल्कुल आसान नही होता।।
मधु शुभम पाण्डे🙏🏻
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