Saturday, October 10, 2020

हत्या

 #हत्या


क्यों खून नही है खौल रहा ,सत्ता के ठेकेदारों का।।

शीश काटकर ले आओ ,उस ब्राह्मण के हत्यारों का।।


अधर्म से अपनी मृत्यु को, न्यौता दे देकर बुला लिए।।

क्या दोष था उस ब्राह्मण का, जिसको तुम जिंदा जला दिए।।


करवाओ न्याय दिलवाओ न्याय,निर्णय होगा अंगारों का।।

शीश काटकर ले आओ ,उस ब्राह्मण के हत्यारों का।।


"विनाशकाले विपरीत बुद्धि" कथन सत्य होता प्रतीत।।

जो जानना हो हत्या का श्राप,पढलो जाकर पूरा अतीत।।


पढ़ो वेद और गीता ,पुराण,करो प्राप्त ज्ञान संस्कारों का।।

शीश काटकर ले आओ, उस ब्राह्मण के हत्यारों का।।


मधु शुभम पाण्डे✍️✍️

#Hatya #poetry

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बिहारी जी

 प्रीत है गहरी तुम संग प्रियतम, बढ़ती जाए हर पल हर छिन।। सगरी उमर मैं तुम पर हारूँ, चैन न आवे एक पल तुम बिन।। मधु शुभम पाण्डे✍️✍️